05 June 2022

रीवा महापौर पद के लिए - भाजपा और कांग्रेस यह दावेदार, जो सुर्खियों में हैं / रीवा महापौर पद के लिए 11 जून से 20 जून तक नामांकन दाखिला होगा


रीवा महापौर पद के लिए - भाजपा के यह दावेदार, जो सुर्खियों में हैं 


जब से रीवा नगर निगम बना है और जनता से महापौर चुनाव होना शुरू हुआ है तब से भाजपा अजेय रही है।
कांग्रेस शासनकाल में भी भाजपा का ही महापौर बना। 
प्रथम महापौर (अप्रत्यक्ष चुनाव) कांग्रेस के अमीरुल्ला खान के बाद भाजपा के राजेंद्र ताम्रकार, आशा सिंह, वीरेंद्र गुप्ता, शिवेंद्र सिंह व ममता गुप्ता चुनी गई थीं। एक बार फिर चुनावी संग्राम सामने है। भाजपा कांग्रेस दोनों में टिकट के लिए मारामारी मची हुई है। 
भाजपा से जिन दावेदारों की चर्चा है उनमें वीरेंद्र गुप्ता, व्यंकटेश पांडेय, विद्या प्रकाश श्रीवास्तव, रिपुदमन सिंह, विवेक दुबे, प्रबोध व्यास, सतीश पांडेय का नाम शामिल है। भाजपा के इन दावेदारों में वीरेंद्र गुप्ता विभिन्न संगठनात्मक पदों पर रहे हैं। वह इसके पूर्व भी महापौर रह चुके हैं। व्यंकटेश पांडेय कई मर्तबा पार्षद रह चुके हैं। पहले कांग्रेस बैनर तले पार्षद बने। पिछले चुनाव के पूर्व भाजपा में शामिल हो गए और पार्षद चुने गए। महापौर ममता गुप्ता के अवकाश पर जाने पर | लगभग दो महीने तक प्रभारी महापौर भी रहे। विद्या प्रकाश श्रीवास्तव भाजपा जिला अध्यक्ष के साथ ही कई संगठनात्मक पदों पर रह चुके हैं। रिपुदमन सिंह की बात करें तो वह दो बार निगम अध्यक्ष व तीन बार पार्षद रह चुके हैं। विवेक दुबे इंजीनियर हैं और पिछले कई वर्षों से रीवा विधायक के साथ सक्रिय रूप में साथ रहते हैं। नरेंद्र गुप्ता भाजपा के चर्चित चेहरा हैं जो भाजपा की मुख्य बॉडी के साथ भाजपा व्यापारी प्रकोष्ठ की प्रदेश टीम में हैं। सतीष पांडेय के बात करें तो वह भाजपा के पुराने सक्रिय कार्यकर्ता रहे हैं। वह भाजपा युवा मोर्चा नगर उपाध्यक्ष, भाजपा नगर उपाध्यक्ष रहे हैं। इसके साथ ही दो बार भाजपा जिला कार्य समिति सदस्य भी रहे। वर्तमान में अनंतपुर गृह निर्माण समिति के अध्यक्ष हैं। चर्चा है कि इन्हीं नामों से किसी को महापौर टिकट मिल सकती है। अब इनमें से किस चेहरे को जनता के बीच भेजा जायेगा, इस पर भाजपा मंथन कर रही है। क्योंकि भाजपा नहीं चाहेगी कि प्रत्याशी चयन में चूक विजयी रथ में बाधा बने। 

रीवा महापौर पद के लिए 11 जून से 20 जून तक नामांकन दाखिला होगा। ऐसी उम्मीद जतायी जा रही है कि अगले एक सप्ताह के भीतर महापौर प्रत्याशी की घोषणा कर दी जायेगी। पिछले चुनाव में व्यापारी वर्ग को नेतृत्व सौंपा जा चुका है, इसलिए इस बार भाजपा अन्य वर्ग से कोई उम्मीदवार उतार सकती है।

दबे स्वर में भाजपा से ही एक अन्य दावेदार सुनील सिंह बद्रिका मोटर्स के नाम की भी चर्चा है।

कांग्रेस के दावेदारों की लिस्ट

एक साल बाद विधान सभा का चुनाव होना है। उसके पूर्व निकाय चुनाव हो रहा है। कांग्रेस यह मान रही है इस बार मतदाताओं में सरकार किस दल की है, इसका असर नहीं होगा। यानी जनता कांग्रेस का महापौर दे सकती है। भाजपा की तरह कांग्रेस में भी दावेदारों की फेहरिस्त लंबी है। कांग्रेस दावेदारों में मुख्य रूप से इंजी राजेंद्र शर्मा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष गुरमीत सिंह मंगू, कविता पांडेय, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय मिश्रा बाबा, लखनलाल खंडेलवाल, विनोद शर्मा, मानवेंद्र सिंह नीरज का नाम चर्चा में है। इनमें से गुरमीत सिंह मंगू 2017 से शहर कांग्रेस अध्यक्ष हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन सम्मानजनक रहा है। वहीं कविता पांडेटा पूर्व में नेता प्रतिपक्ष के साथ ही कांग्रेस से बागी होकर महापौर चुनाव भी लड़ीं थी। हालांकि चुनाव के बाद ही फिर कांग्रेस में वापसी कर ली थी। वर्तमान में प्रदेश महिला कांग्रेस उपाध्यक्ष हैं। वह आंदोलन प्रदर्शन कर हमेशा सुर्खियों में बनी रहती हैं। अजय मिश्रा बाबा कई बार से पार्षद के साथ ही पिछले कार्यकाल में नेता प्रतिपक्ष रहे हैं। लखनलाल खंडेलवाल ऐसे नेता हैं जिन्होंने हार का स्वाद कभी चरखा ही नहीं। पार्षदी उनके घर में ही रही। विनोद शर्मा भी दावेदारी कर रहे हैं। वह एक बार पार्षद बने हैं लेकिन अपनी राजनीतिक भागदौड़ के कारण चर्चा में रहते हैं। मानवेंद्र सिंह नीरज भी कांग्रेस के पुराने कार्यकर्ता हैं और विभिन्न पदों में रह चुके हैं। इनमें से किस चेहरे पर कांग्रेस दांव लगाती है, आने वाला समय बताएगा। इन नेताओं में गुरमीत सिंह मंगू जहां कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष के करीबी हैं तो अजय मिश्रा बाबा की भोपाल में अच्छी सेंटिंग बताई जा रही है। इंजी राजेंद्र शर्मा व कविता पांडेय के लिए रीवा भोपाल एक है। इसके अलावा अनुपम तिवारी, शिव प्रसाद प्रधान, बृजेश पांडेय ने भी कांग्रेस के संगठन प्रभारी से अपनी दावेदारी पेश की है।