रीवा: अमहिया वार्ड 23 में गंदे पानी की सप्लाई से लोग परेशान
रीवा: अमहिया वार्ड क्रमांक 23 में गंदे पानी की सप्लाई से लोग परेशान, टैंकर भेजने के बाद भी समस्या बरकरार
रीवा, मध्य प्रदेश: शहर के अमहिया क्षेत्र में गंदे पानी की आपूर्ति को लेकर स्थानीय रहवासियों की परेशानी सामने आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वार्ड क्रमांक 23 में पोलिंग क्रमांक 129 के अंतर्गत आने वाले घरों में नलों से गंदा पानी आ रहा है। लोगों का कहना है कि पानी की स्थिति ऐसी है कि उसका सामान्य घरेलू उपयोग करना भी मुश्किल हो रहा है।
शिकायत के बाद भेजा गया पानी का टैंकर
स्थानीय स्तर से मिली जानकारी के अनुसार, इस समस्या की जानकारी मंडल अध्यक्ष शिवम् द्विवेदी को दी गई। शिकायत मिलने के बाद उन्होंने तत्काल प्रभाव से पानी का टैंकर भिजवाया, ताकि प्रभावित परिवारों को वैकल्पिक रूप से पानी मिल सके।
हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि टैंकर की व्यवस्था होने के बावजूद नलों से गंदा पानी आने की समस्या का स्थायी समाधान अभी नहीं हुआ है। वार्ड के रहवासी अपनी परेशानी लगातार सामने रख रहे हैं।
जहां से शुरू हुई मीठे पानी की पहल, वहीं गंदे पानी की शिकायत
स्थानीय संदेश में बताया गया है कि अमहिया वार्ड क्रमांक 23 स्थित शिव मंदिर, ललऊघाट से घर-घर मीठा पानी पहुंचाने की पहल शुरू हुई थी। इस पहल का उद्देश्य लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना था। इसके बाद रीवा शहर में पेयजल आपूर्ति का विस्तार हुआ और अब ग्रामीण क्षेत्रों तक भी पानी पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
ऐसे में इसी क्षेत्र में नलों से गंदा पानी आने की शिकायत सामने आना स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय है। रहवासी चाहते हैं कि संबंधित विभाग इस मामले को गंभीरता से लेकर जल्द कार्रवाई करे।
- नलों से आ रहे पानी की गुणवत्ता की जांच कराई जाए।
- गंदे पानी की आपूर्ति के कारण का पता लगाया जाए।
- प्रभावित घरों में स्वच्छ पानी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
- समस्या का अस्थायी नहीं, बल्कि स्थायी समाधान किया जाए।
नगर निगम और पेयजल विभाग से कार्रवाई की अपेक्षा
स्थानीय रहवासियों को उम्मीद है कि नगर निगम एवं संबंधित पेयजल विभाग इस शिकायत की जांच कर आवश्यक कदम उठाएंगे। पानी की गुणवत्ता की जांच और आपूर्ति व्यवस्था की तकनीकी जांच से समस्या के वास्तविक कारण का पता लगाने में मदद मिल सकती है।
फिलहाल, स्थानीय लोगों के अनुसार, टैंकर के माध्यम से वैकल्पिक पानी उपलब्ध कराया गया है, लेकिन नलों से स्वच्छ पानी मिलने का इंतजार जारी है। संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष और पानी की जांच रिपोर्ट सामने आने पर मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।